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Sunday, December 14, 2008

Opinion needed: How to deal with acid attackers | मत चाहिए: तेज़ाब आक्रमणकारियों के साथ क्या करना चाहिए

Throwing acid by spurned suitors and lovers on women have become quite common in the developing world. In India specially, it has become alarmingly high. Bangladesh has included provisions for the death penalty in such cases, which has brought down incidences of such attacks.

In Andhra Pradesh yesterday, police shot dead three youths in their custody, arrested for throwing acid on two young women who spurned their advances in an apparently fake armed encounter between them.

Last month, an Iranian court sentenced a man's eyes to be dripped with acid for attacking a young woman with the same leaving her disfigured and blinded for life.

Do you approve of such retribution in the name of justice for these heinous crimes carried out by soulless criminals? Also, take into consideration the number of times these jilted lovers are taken for a ride by the girls who ended up being victims of such a horrific act.


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ठुकराए गए प्रेमिकों द्वारा तेज़ाब फेंकने की घटनाये विकसित देशो मे काफी आम हो गया है, खास कर, भारत मे यह चिंताजनक मात्रा मे पहुँच गया हैं| बांग्लादेश ने हाल ही मे ऐसी घटनाओ को अंजाम देने वालों के लिए कानून मे मौत की सज़ा का प्रबंध किया है|

कल आंध्र प्रदेश पुलिस के तीन तेज़ाब फेंकने के आरोप मे गिरफ्तार युवकों को एक कथित मुतभेड मे मार गिराया जो की फ़र्ज़ि हो सकता है इन लड़कों के दो युवतियों के ऊपर तेज़ाब फेंका था जिनमे एक युवती की हालत नाज़ुक बनी हुई है|

पिछले महीने, इरान की एक अदालत ने एक आदमी केआँखों मे तेज़ाब डालने का हुक्म सुनाया जो एक युवती के ऊपर तेज़ाब दाल कर उसे अँधा बनाया और चेहरे को बिलकुल नष्ठ कर दिया|

क्या आप इस तरह का न्याय के नाम पर बदला को सहमति देते है इस तरह की संगीन ज़ुर्म करने वाले इन जैसे आत्माहीन आदमियों के लिए? कृपया एक बात को दिमाग मे रखे की घटनाओं की क्या जो की औरतें ऐसी हाद्साओं की शिकार होने के लिए खुद वैसे सनकी प्रेमियों को उकसाया|


2 Comments:

Anonymous उन्मुक्त said...

आपका प्रश्न बहुत मुश्किल है
"क्या आप इस तन्तरह का न्याय के नाम पर बदला को सहमति देते है"
मेरे विचार से इसका जवाब नहीं में होना चाहिये। बदले की भावना ठीक नहीं। इसका अन्त परिणाम अच्छा नहीं होता।

हिन्दी में और भी लिखिये और कृपा कर वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें। मेरी उम्र के लोगों को यह तंग करता है।

8:20 AM  
Blogger Unknown!!! said...

Sir, I believe a simple killing is not solution. If the people are proved guilty then like how it is in Iran the similar punishment should be given. Once the law has decided a death penalty then...his suffering etc is also not a concern to anyone..

7:27 PM  

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